बलरामपुर : कृषि विभाग का बांध टूटा, खेतों में भरा पानी; धान की फसल को नुकसान,
कृषि विभाग का बांध टूटा, खेतों में भरा पानी; धान की फसल को नुकसान,
तेतरडीह में जल ग्रहण मिशन के तहत बने बांध के टूटने से किसानों की बढ़ी चिंता, एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा,
बलरामपुर/रामानुजगंज
रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम तेतरडीह में मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे कृषि विभाग का बांध अचानक टूट गया। बांध टूटने के बाद बड़ी मात्रा में पानी नीचे स्थित खेतों की ओर बह गया, जिससे कई खेतों में पानी भर गया और धान की फसल प्रभावित हुई है। घटना के बाद किसानों में फसल नुकसान को लेकर चिंता बढ़ गई है।
बांध टूटने की सूचना मिलते ही एसडीएम अभिषेक गुप्ता मौके पर पहुंचे और प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से घटना की जानकारी ली तथा खेतों में भरे पानी और फसल की स्थिति का अवलोकन किया।
एसडीएम अभिषेक गुप्ता ने बताया कि फिलहाल नुकसान का आकलन किया जा रहा है। सर्वे और जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि किसानों की फसल को कितनी मात्रा में नुकसान हुआ है। प्रशासन की टीम प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर वास्तविक नुकसान का आंकलन कर रही है।
जल ग्रहण मिशन के तहत हुआ था निर्माण,
बताया जा रहा है कि उक्त बांध कृषि विभाग द्वारा जल ग्रहण मिशन के तहत बनाया गया था। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि बांध में पहले से ही दरारें आ गई थीं। ग्रामीणों के अनुसार इसकी जानकारी संबंधित विभाग को भी दी गई थी, लेकिन समय रहते बांध की मरम्मत नहीं कराई गई।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि बांध में आई दरारों की समय पर मरम्मत कर दी जाती तो संभवतः यह स्थिति नहीं बनती। बांध टूटने के बाद अचानक पानी का तेज बहाव खेतों की ओर पहुंचा, जिससे धान की खड़ी फसल प्रभावित हुई।
किसानों को नुकसान का आकलन जारी,
घटना के बाद प्रशासन द्वारा प्रभावित खेतों का निरीक्षण कराया जा रहा है। राजस्व एवं संबंधित विभाग के अधिकारी फसल को हुए नुकसान का आकलन कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि धान की फसल इस समय खेतों में खड़ी है और अचानक पानी भरने से फसल के खराब होने की आशंका बढ़ गई है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से नुकसान का विस्तृत आंकड़ा सामने नहीं आया है। अधिकारियों का कहना है कि सर्वे पूरा होने के बाद ही प्रभावित किसानों और फसल को हुए नुकसान की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वहीं ग्रामीणों ने बांध की स्थिति की जांच कराने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक मरम्मत एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।