बलरामपुर : नवरात्र में गांव-गांव पहुंच रहीं जिला पंचायत सदस्य बेला अनिल कुशवाहा, माता रानी के दर्शन कर पूजा समितियों को दे रहीं सहयोग..
नवरात्र में गांव-गांव पहुंच रहीं जिला पंचायत सदस्य बेला अनिल कुशवाहा, माता रानी के दर्शन कर पूजा समितियों को दे रहीं सहयोग..
30 से 40 दुर्गा पूजा समितियों से कर चुकी हैं मुलाकात, पुजारियों को गमछा भेंटकर कर रहीं सम्मानित; विजयादशमी तक जारी रहेगा जनसंपर्क,
बलरामपुर,
शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर जिले में धार्मिक गतिविधियां पूरे उत्साह के साथ जारी हैं। इसी क्रम में जिला पंचायत सदस्य बेला अनिल कुशवाहा गांव-गांव पहुंचकर दुर्गा पूजा पंडालों में माता रानी के दर्शन कर रही हैं। वे पूजा समितियों के सदस्यों से मुलाकात कर धार्मिक आयोजनों में सहयोग प्रदान करने के साथ ही पंडितों और पुजारियों को गमछा भेंटकर सम्मानित भी कर रही हैं। नवरात्र के पहले दिन से शुरू हुआ उनका यह सिलसिला लगातार जारी है।
बेला अनिल कुशवाहा का यह दौरा केवल उनके निर्धारित जिला पंचायत क्षेत्र तक सीमित नहीं है। वे क्षेत्र के बाहर स्थित गांवों में भी पहुंचकर दुर्गा पूजा पंडालों में माथा टेक रही हैं और स्थानीय लोगों से मुलाकात कर रही हैं। पूजा समितियों के सदस्यों से संवाद कर धार्मिक आयोजनों की जानकारी लेना और उनके आयोजन में सहयोग करना भी उनके दौरे का प्रमुख हिस्सा है।

अब तक 30 से 40 दुर्गा पूजा समितियों से कर चुकी हैं मुलाकात,
नवरात्र के दौरान बेला अनिल कुशवाहा अब तक लगभग 30 से 40 दुर्गा पूजा समितियों के सदस्यों से मुलाकात कर चुकी हैं। इस दौरान वे विभिन्न गांवों में स्थापित दुर्गा पूजा पंडालों में पहुंचकर माता रानी के दर्शन कर आशीर्वाद ले रही हैं। साथ ही पूजा समितियों को सहयोग राशि प्रदान कर धार्मिक आयोजनों में अपनी सहभागिता निभा रही हैं।
पूजा पंडालों में पहुंचने के दौरान वे आयोजन से जुड़े लोगों और स्थानीय ग्रामीणों से भी मुलाकात कर रही हैं। उनके लगातार गांवों में पहुंचने से नवरात्र के दौरान उनका जनसंपर्क चर्चा का विषय बना हुआ है। खास बात यह है कि वे अपने जिला पंचायत क्षेत्र के साथ-साथ अन्य गांवों में भी पहुंचकर लोगों से संपर्क स्थापित कर रही हैं।
पुजारियों को गमछा भेंटकर कर रहीं सम्मान,
धार्मिक आयोजनों में सहभागिता के साथ बेला अनिल कुशवाहा पंडितों और पुजारियों को गमछा भेंटकर सम्मानित भी कर रही हैं। इस पहल के माध्यम से वे पूजा-अर्चना और धार्मिक परंपराओं से जुड़े लोगों के प्रति सम्मान व्यक्त कर रही हैं।

नवरात्र के दौरान दुर्गा पूजा समितियों की ओर से विभिन्न गांवों में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ऐसे में पूजा पंडालों में पहुंचकर समितियों के सदस्यों से मुलाकात करना और आयोजन में सहयोग देना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बना हुआ है। उनके इस दौरे में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक मेलजोल और स्थानीय लोगों से संवाद पर भी जोर दिया जा रहा है।
विजयादशमी तक जारी रहेगा गांव-गांव पहुंचने का सिलसिला,
बेला अनिल कुशवाहा ने बताया कि नवरात्र के दौरान वे अधिक से अधिक गांवों में पहुंचकर माता रानी के दर्शन करने और लोगों से मुलाकात करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि विजयादशमी तक दुर्गा पूजा पंडालों में पहुंचने और पूजा समितियों के सदस्यों से मिलने का सिलसिला जारी रहेगा।
उन्होंने धार्मिक आयोजनों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हमारी आस्था, संस्कृति और परंपराओं से जुड़े हैं। इन आयोजनों में शामिल होकर माता रानी का आशीर्वाद लेना तथा पूजा समितियों को सहयोग प्रदान करना उनके लिए महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से वे लगातार विभिन्न गांवों का दौरा कर रही हैं।
आस्था और सामाजिक सहभागिता पर जोर,
नवरात्र के दौरान बेला अनिल कुशवाहा की सक्रियता धार्मिक आयोजनों में उनकी सहभागिता को दर्शाती है। दुर्गा पूजा समितियों को सहयोग राशि देना, पुजारियों को सम्मानित करना और गांव-गांव पहुंचकर स्थानीय लोगों से मिलना उनके नवरात्र कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा है।
विजयादशमी तक उनका यह दौरा जारी रहने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में जिले के अन्य गांवों के दुर्गा पूजा पंडालों में भी उनके पहुंचने और पूजा समितियों के सदस्यों से मुलाकात करने की संभावना है।
कुल मिलाकर, नवरात्र के अवसर पर बेला अनिल कुशवाहा गांव-गांव पहुंचकर धार्मिक आयोजनों में सहभागिता निभा रही हैं। माता रानी के दर्शन, पूजा समितियों को सहयोग और पुजारियों का सम्मान उनके इस दौरे के प्रमुख पहलू बने हुए हैं।