सूरजपुर : कल जंगल में गूंजी थी हाथी की चिंघाड़… और चली गई एक ग्रामीण की जान! आज उसी मौत का गुस्सा सड़कों पर उतरा, तो पूरा इलाका थम गया… पोड़ी मोड़ पर सैकड़ों ग्रामीणों ने लगाया चक्का जाम, उठे कई बड़े सवाल! अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ा सवाल—मुआवजा मिलेगा या फिर आंदोलन और बड़ा होगा?
हाथी के हमले में रामलाल की मौत के बाद फूटा ग्रामीणों का आक्रोश, मुआवजे और कार्रवाई की मांग..
चंद्रिका कुशवाहा ,सूरजपुर
वन परिक्षेत्र प्रतापपुर के सिंगरा जंगल के पास बुधवार शाम नर हाथी के हमले में ग्रामीण रामलाल की मौत के बाद गुरुवार को ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर उतर आया। पौड़ी मोड़ में सैकड़ों ग्रामीणों ने चक्का जाम कर दिया, जिससे मार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा।
ग्रामीणों का आरोप है कि हाथी के हमले में रामलाल की मौत के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से अपेक्षित कार्रवाई और मुआवजा नहीं मिला है। इसी नाराजगी को लेकर ग्रामीणों ने सड़क पर प्रदर्शन करते हुए मृतक के परिवार को तत्काल सहायता देने तथा क्षेत्र में हाथियों से सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था की मांग उठाई।
बताया गया कि रामलाल बुधवार शाम अपने साथी के साथ खाद लेकर घर लौट रहा था। सिंगरा जंगल के पास नर हाथी ने उस पर हमला कर दिया, जिसमें उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।
चक्का जाम की सूचना के बाद प्रशासन और वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मांगों और प्रदर्शन को देखते हुए बातचीत का प्रयास किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की लगातार आवाजाही वाले इलाकों में निगरानी बढ़ाने, समय पर चेतावनी देने और मानव-हाथी संघर्ष रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था जरूरी है।
रामलाल की मौत के अगले ही दिन सड़क पर उतरे ग्रामीणों के आंदोलन ने वन विभाग और प्रशासन के सामने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—आखिर कब तक हाथियों के आतंक के बीच ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालते रहेंगे?