बलरामपुर : वन विभाग ने तत्परता दिखाते हुए 12 घंटे में 5 लकड़ी तस्करों को पकड़ा, न्यायालय ने भेजा जेल…
वन विभाग ने तत्परता दिखाते हुए 12 घंटे में 5 लकड़ी तस्करों को पकड़ा, न्यायालय ने भेजा जेल
20 नग साल चिरान लकड़ी से लदी पिकअप जब्त, डीएफओ के निर्देशन में लगातार कार्रवाई से तस्करों में हड़कंप
बलरामपुर,
जिले में अवैध लकड़ी कटाई एवं परिवहन के खिलाफ वन विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में ग्राम बसंतपुर (डूबापारा) में अवैध रूप से साल की चिरान लकड़ी का परिवहन करते पाए गए पिकअप वाहन को जब्त करने के बाद वन विभाग ने महज 12 घंटे के भीतर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार सभी आरोपियों को 27 अगस्त 2026 को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार, 26 अगस्त 2026 को वन विभाग को अवैध रूप से साल की चिरान लकड़ी परिवहन किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर वन अमले ने ग्राम बसंतपुर (डूबापारा) में कार्रवाई करते हुए पिकअप वाहन क्रमांक UP64CT-7280 को पकड़ा। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें अवैध रूप से परिवहन की जा रही 20 नग साल चिरान लकड़ी, जिसकी कुल मात्रा 2.145 घन मीटर बताई गई, बरामद हुई।
वन विभाग ने तत्काल लकड़ी और पिकअप वाहन को जब्त कर मामले में संलिप्त आरोपियों की पतासाजी शुरू की। कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए वन अमले ने लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी और महज 12 घंटे के भीतर पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की
।
गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य रूप से विष्णु गुप्ता, पिता स्व. दशरथ गुप्ता, निवासी ग्राम बनापती, पुलिस चौकी विजयनगर शामिल है। इसके अलावा मामले में संलिप्त चार अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। सभी पांच आरोपियों को आवश्यक कार्रवाई के बाद 27 अगस्त को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
डीएफओ के निर्देशन में लगातार कार्रवाई,
अवैध लकड़ी परिवहन के खिलाफ वन विभाग की यह कार्रवाई डीएफओ बलरामपुर आलोक कुमार बाजपेई के कुशल निर्देशन, एसडीओ प्रेमचंद मिश्रा के मार्गदर्शन तथा वन परिक्षेत्र अधिकारी रामनारायण राम के नेतृत्व में की जा रही है। अधिकारियों के निर्देश पर वन अमले की टीम द्वारा जिले के संवेदनशील मार्गों एवं वन क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है।
वन विभाग की टीम संदिग्ध वाहनों एवं लकड़ी के अवैध परिवहन पर नजर बनाए हुए है। संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने के साथ-साथ मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया है, ताकि जंगलों से होने वाली अवैध कटाई और लकड़ी की तस्करी पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाया जा सके।
अन्य आरोपियों की संलिप्तता की भी जांच,
मामले में वन विभाग की विवेचना अभी जारी है। अधिकारियों के अनुसार, इस अवैध लकड़ी परिवहन में अन्य लोगों की संलिप्तता होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से जहां अवैध लकड़ी परिवहन करने वालों में हड़कंप की स्थिति है, वहीं लगातार हो रही कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि जिले में वन संपदा की अवैध तस्करी के खिलाफ विभाग सख्त रुख अपना रहा है।यदि चाहें तो मैं इसी खबर के लिए अखबार की शैली में 5 दमदार हेडलाइन और 2 लाइन की ब्रेकिंग न्यूज पट्टी भी तैयार कर सकता हूं।