बलरामपुर : उत्तरवाहिनी कन्हर नदी के तट पर पितरों को तर्पण के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़,
उत्तरवाहिनी कन्हर नदी के तट पर पितरों को तर्पण के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़,
उत्तरवाहिनी कन्हर नदी के तट पर पितरों को तर्पण के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़,
बलरामपुर/रामानुजगंज,
गंगा के समान उत्तरवाहिनी मानी जाने वाली कन्हर नदी के पवित्र तट पर पितृ पक्ष के प्रथम दिन से ही पितरों के तर्पण और पिंडदान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। रामानुजगंज नगर के साथ ही आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग मां महामाया मंदिर स्थित छठ घाट एवं प्राचीन शिव मंदिर घाट पहुंचकर विधि-विधान से अपने पितरों का स्मरण कर तर्पण कर रहे हैं। सुबह से ही दोनों घाटों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है।

हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। इन दिनों लोग अपने दिवंगत पूर्वजों का स्मरण करते हुए उनके निमित्त तर्पण, पिंडदान, श्राद्ध तथा दान-पुण्य करते हैं। मान्यता है कि श्रद्धा और विधि-विधान के साथ पितरों का तर्पण करने से पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता और सम्मान व्यक्त होता है।
मां महामाया मंदिर के पुजारी जितेंद्र पांडे ने बताया कि पितृ पक्ष पूर्वजों के स्मरण और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का विशेष अवसर है। इस दौरान श्रद्धालु अपनी सामर्थ्य के अनुसार विधि-विधान से पितरों का तर्पण, पूजन एवं दान-पुण्य करते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से धार्मिक परंपराओं के अनुसार शांतिपूर्वक तर्पण एवं श्राद्ध कर्म करने की अपील की।
इधर, पितृ पक्ष को देखते हुए नगर पालिका द्वारा दोनों प्रमुख घाटों पर विशेष साफ-सफाई कराई गई है। नगर पालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मां महामाया मंदिर छठ घाट एवं शिव मंदिर घाट में साफ-सफाई सहित आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराई गई हैं, ताकि तर्पण के लिए पहुंचने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
कन्हर नदी के शांत और पवित्र तट पर सुबह से ही मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं द्वारा तर्पण किए जाने से धार्मिक वातावरण बना हुआ है। पितृ पक्ष के आगामी दिनों में भी दोनों घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।