बलरामपुर : राजपुर में जंगली हाथी के हमले से ग्रामीण की मौत, वन विभाग ने पत्नी को दी 25 हजार की तात्कालिक सहायता…
राजपुर में जंगली हाथी के हमले से ग्रामीण की मौत, वन विभाग ने पत्नी को दी 25 हजार की तात्कालिक सहायता,
महान नदी पार कर जंगल की ओर जा रहे कबरा हाथी ने किया हमला, शेष 5.75 लाख रुपये की सहायता राशि प्रक्रिया पूरी होने के बाद मिलेगी,
बलरामपुर/राजपुर,
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के वन परिक्षेत्र राजपुर अंतर्गत ग्राम परसवारकला के बड़खापारा में जंगली हाथी के हमले से एक ग्रामीण की मौत हो गई। घटना 29 जून 2026 की शाम करीब 7:05 बजे की बताई जा रही है। मृतक की पहचान सुटरूंग कौशिक (53 वर्ष), निवासी परसवारकला के रूप में हुई है। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुटरूंग कौशिक अपनी पुत्री के घर जा रहे थे। इसी दौरान महान नदी पार कर जंगल की ओर से आ रहे एक जंगली कबरा हाथी से उनका सामना हो गया। हाथी ने उन पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद हाथी ग्राम रेवतपुर की ओर से होते हुए जंगल में चला गया।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा वन विभाग,
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। रात होने के कारण अगले दिन पुलिस ने घटनास्थल पर पंचनामा और मर्ग संबंधी कार्रवाई पूरी की। चिकित्सकों ने घटनास्थल पर ही शव परीक्षण किया, जिसके बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया।
ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील,
वन विभाग के अनुसार, हाथी प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों को गज संकेत ऐप और स्थानीय व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से हाथियों की गतिविधियों की जानकारी दी जाती है। इसके साथ ही वन कर्मचारी और हाथी मित्र दल के सदस्य लगातार निगरानी कर ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं।
विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि रात के समय पगडंडी मार्गों का उपयोग करने से बचें, हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में भीड़ न लगाएं और जंगल की ओर जाने से परहेज करें। हाथियों की गतिविधियों की जानकारी मिलने पर तत्काल वन विभाग को सूचित करने की भी अपील की गई है।
मृतक के परिवार को मिलेगी छह लाख रुपये की सहायता,
हाथी के हमले में ग्रामीण की मौत के बाद वन विभाग ने मृतक की पत्नी श्रीमती कुलेश्वरी कौशिक को तत्काल सहायता के रूप में 25 हजार रुपये प्रदान किए हैं। शेष 5 लाख 75 हजार रुपये की सहायता राशि आवश्यक औपचारिकताएं और नियमानुसार प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रदान की जाएगी। इस सहायता से प्रभावित परिवार को आर्थिक संबल मिलने की उम्मीद है।