बलरामपुर : सेवा संकल्प अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्र दलधोवा (नवापारा) में खिलौना दान,
सेवा संकल्प अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्र दलधोवा (नवापारा) में खिलौना दान,
बच्चों के चेहरों पर खिली मुस्कान,डीएफओ आलोक कुमार बाजपेयी ने बच्चों को भेंट किए खिलौने,
सहायक वन संरक्षक निखिल सक्सेना का रहा विशेष सहयोग,
बलरामपुर,
जिले में संचालित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जनसेवा, सामाजिक सहभागिता और बच्चों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आंगनबाड़ी केंद्र दलधोवा (नवापारा) में खिलौना दान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर वन मंडलाधिकारी (डीएफओ) बलरामपुर आलोक कुमार बाजपेयी ने आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचकर बच्चों के लिए खिलौने भेंट किए। खिलौने पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली। कार्यक्रम में सहायक वन संरक्षक निखिल सक्सेना का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को खेल-खेल में सीखने के लिए प्रोत्साहित करना तथा उनके लिए आनंदमय और सकारात्मक वातावरण तैयार करने में सहयोग देना रहा। बचपन में खिलौने बच्चों की रचनात्मकता, कल्पनाशक्ति और मानसिक विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खिलौनों के माध्यम से बच्चे रंगों, आकारों और विभिन्न वस्तुओं को पहचानने के साथ ही आपसी मेल-जोल और सहभागिता भी सीखते हैं।
सेवा और सामाजिक सहभागिता का संदेश,
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित यह पहल बच्चों के प्रति संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करने का प्रयास है। आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों की प्रारंभिक देखभाल, पोषण और पूर्व-प्राथमिक शिक्षा के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। ऐसे केंद्रों पर खेल एवं शिक्षण सामग्री उपलब्ध होने से बच्चों की गतिविधियों को अधिक रोचक और उपयोगी बनाने में मदद मिलती है।
डीएफओ आलोक कुमार बाजपेयी की पहल तथा सहायक वन संरक्षक निखिल सक्सेना के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम ने सेवा संकल्प अभियान के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। इस प्रकार की गतिविधियां समाज में सहयोग, सेवा और जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता की भावना को प्रोत्साहित करती हैं।
डीएफओ बलरामपुर आलोक कुमार बाजपेयी ने कहा कि ,
“सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य समाज में सेवा, सहयोग और जनभागीदारी की भावना को प्रोत्साहित करना है। बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाना और उन्हें बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने में सहयोग करना एक सकारात्मक पहल है। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों के पोषण, देखभाल और प्रारंभिक शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयासों में सभी को अपनी सहभागिता निभानी चाहिए।”