बलरामपुर : टीबी मुक्त बलरामपुर के लिए ‘जोश’ कार्यक्रम का शुभारंभ, 10 टीबी मुक्त पंचायतों के सरपंच सम्मानित…
टीबी मुक्त बलरामपुर के लिए ‘जोश’ कार्यक्रम का शुभारंभ, 10 टीबी मुक्त पंचायतों के सरपंच सम्मानित…
बलरामपुर,
टीबी मुक्त भारत अभियान को जनभागीदारी से गति देने के लिए आज जिला कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी की उपस्थिति में जोश (जॉइंट स्क्वाड फॉर हेल्थ) कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में इसका राष्ट्रीय शुभारंभ किया, जिसका सीधा प्रसारण उपस्थित लोगों ने देखा।

स्वास्थ्य, युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा रक्षा मंत्रालय की इस संयुक्त पहल में प्रथम श्रेणी के अधिकारी, माई भारत स्वयंसेवक और एनसीसी कैडेट गांव-गांव तक टीबी की पहचान, जांच, उपचार और पोषण का संदेश पहुंचाएंगे।

कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने टीबी मुक्त पंचायतों के सरपंचों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जिले में तीन वर्षों में टीबी मुक्त पंचायतों की संख्या 20 से बढ़कर 216 तक पहुंची है। यह इस बात का प्रमाण है कि पंचायत, स्वास्थ्य अमला और समुदाय मिलकर काम करें तो टीबी को हराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य पूरे जिले को टीबी मुक्त बनाना है। इसके लिए संभावित मरीजों की समय पर पहचान, जांच और नियमित दवा के साथ पोषण सहायता सुनिश्चित की जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि टीबी का इलाज पूरी तरह संभव और निःशुल्क है, इसलिए लक्षण दिखते ही जांच कराना और दवा का पूरा कोर्स लेना सबसे जरूरी है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, एनसीसी कैडेटों और मितानिनों से इस अभियान को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया और सभी को टीबी मुक्त बलरामपुर की शपथ दिलाई।

कार्यक्रम में जिले की 10 टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों के सरपंचों को प्रमाण पत्र और महात्मा गांधी की प्रतिमा देकर सम्मानित किया गया। पहली बार टीबी मुक्त हुई ग्राम पंचायत चितविश्रामपुर, नवाडीह, तातापानी, ओबरी, पिण्डरा और अमडण्डा को कांस्य प्रतिमा मिली। लगातार दूसरी बार यह उपलब्धि हासिल करने वाली सरंगपुर, डूमरखोला, झलरिया और कृष्णनगर पंचायतों को रजत प्रतिमा प्रदान की गई। उपचाररत टीबी मरीजों को पोषण सहयोग के रूप में फूड बास्केट भी वितरित किए गए।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 2025 में जिले में 16,021 संभावित मरीजों की जांच की गई। इनमें 928 मरीजों में टीबी की पुष्टि हुई, जिनमें से 845 उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं और शेष का उपचार जारी है। जिले में टीबी मुक्त घोषित पंचायतों की संख्या वर्ष 2023 में 20, वर्ष 2024 में 147 और वर्ष 2025 में 216 रही। वर्ष 2025 की 216 पंचायतों में 131 ने पहली बार, 76 ने दूसरी बार और 9 ने लगातार तीसरी बार यह दर्जा हासिल किया। वर्ष 2026 में शंकरगढ़ विकासखंड को पूरी तरह टीबी मुक्त बनाने की प्रक्रिया जारी है।
कार्यक्रम में ‘वी कैन, वी विल’ के संदेश के साथ जिले को टीबी मुक्त बनाने का सामूहिक संकल्प लिया गया। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष सुश्री सुमित्रा चेरवा, उपाध्यक्ष श्रीमती बबली देवी संबल, गणमान्य नागरिक श्रीमती सुषमा मिंज, श्री जय प्रकाश संबल और जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री स्मृति एक्का उपस्थित रहीं। इनके साथ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, बड़ी संख्या में एनसीसी कैडेट तथा मितानिनें भी मौजूद रहीं।