बलरामपुर : स्टाफ नर्सों के वेतनमान में बढ़ोतरी की मांग, मुख्यमंत्री के नाम का सौंपा ज्ञापन,
स्टाफ नर्सों के वेतनमान में बढ़ोतरी की मांग, मुख्यमंत्री के नाम का सौंपा ज्ञापन,
2018 की समिति की अनुशंसा लागू कर ग्रेड-पे बढ़ाने की मांग, अन्य राज्यों के समान वेतनमान देने की उठाई आवाज,
बलरामपुर,
छत्तीसगढ़ प्रदेश नर्सेस एसोसिएशन के तत्वावधान में बलरामपुर जिले में कार्यरत स्टाफ नर्स एवं नर्सिंग संवर्ग के कर्मचारियों के वेतनमान में संशोधन की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। एसोसिएशन ने वर्ष 2018 में गठित समिति की अनुशंसाओं को लागू करते हुए स्टाफ नर्सों के ग्रेड-पे एवं वेतनमान में आवश्यक वृद्धि किए जाने की मांग की है।

एसोसिएशन ने ज्ञापन में कहा कि नर्सिंग संगठनों द्वारा वर्ष 2018 में ग्रेड-पे बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन किया गया था। इसके बाद शासन स्तर पर समिति का गठन कर वेतनमान में वृद्धि संबंधी अनुशंसाएं की गई थीं, लेकिन अब तक इन अनुशंसाओं को पूरी तरह लागू नहीं किया गया है। वर्ष 2023 में भी नर्सिंग संगठनों ने प्रदर्शन एवं आंदोलन के माध्यम से अपनी मांग शासन के समक्ष रखी थी, बावजूद इसके समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
24 घंटे संवेदनशील सेवाओं में जुटा नर्सिंग स्टाफ,
एसोसिएशन का कहना है कि स्टाफ नर्स अस्पतालों में आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर, आपातकालीन सेवाओं, मातृ एवं शिशु देखभाल, टीकाकरण सहित अनेक संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाओं में 24 घंटे अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। नर्सिंग स्टाफ मरीजों की देखभाल के साथ गंभीर परिस्थितियों में भी निरंतर सेवाएं प्रदान करता है। इसके बावजूद उनकी शैक्षणिक योग्यता, कार्य की प्रकृति और जिम्मेदारियों के अनुरूप वेतनमान नहीं मिल रहा है।
मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की तुलना में कम ग्रेड-पे,
ज्ञापन में छत्तीसगढ़ के स्टाफ नर्सों के वेतनमान की तुलना मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र से करते हुए बताया गया है कि छत्तीसगढ़ में स्टाफ नर्स का ग्रेड-पे ₹2800 है, जबकि मध्यप्रदेश में ₹3600 और महाराष्ट्र में ₹4200 बताया गया है। इसी तरह प्रारंभिक वेतनमान छत्तीसगढ़ में करीब ₹28 हजार से ₹32 हजार, मध्यप्रदेश में ₹36 हजार से ₹42 हजार तथा महाराष्ट्र में ₹40 हजार से ₹48 हजार तक बताया गया है।
एसोसिएशन ने कहा कि पड़ोसी एवं अन्य प्रमुख राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ के स्टाफ नर्सों को अपेक्षाकृत कम वेतनमान मिल रहा है। ऐसे में नर्सिंग संवर्ग की योग्यता, कार्य की प्रकृति, जिम्मेदारियों और सेवाओं को ध्यान में रखते हुए वेतन विसंगति दूर किया जाना आवश्यक है।
समिति की अनुशंसा लागू कर ग्रेड-पे बढ़ाने की मांग,
छत्तीसगढ़ प्रदेश नर्सेस एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि वर्ष 2018 में गठित समिति की अनुशंसाओं को लागू करते हुए स्टाफ नर्सों का ग्रेड-पे बढ़ाया जाए तथा अन्य राज्यों के समान सम्मानजनक वेतनमान निर्धारित किया जाए। एसोसिएशन ने उम्मीद जताई कि शासन नर्सिंग संवर्ग की लंबे समय से लंबित मांग पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए कर्मचारियों को राहत प्रदान करेगा।