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बलरामपुर : जनसेवा की मिसाल बनीं बेला अनिल कुशवाहा, निजी खर्च से 19 श्रद्धालुओं को धार्मिक यात्रा पर किया रवाना…

जनसेवा की मिसाल बनीं बेला अनिल कुशवाहा, निजी खर्च से 19 श्रद्धालुओं को धार्मिक यात्रा पर किया रवाना…

वाड्रफनगर/बलरामपुर,

जिले के जिला पंचायत क्षेत्र में जनसेवा और धार्मिक आस्था से जुड़ी एक सराहनीय पहल सामने आई है। जिला पंचायत सदस्य बेला अनिल कुशवाहा ने अपने निजी खर्च से क्षेत्र के 19 श्रद्धालुओं को धार्मिक यात्रा पर रवाना किया। यात्रा के दौरान श्रद्धालु प्रयागराज, बागेश्वर धाम, अयोध्या और वाराणसी सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन करेंगे।

बेला अनिल कुशवाहा की इस पहल को जनसेवा और सामाजिक सरोकार से जोड़कर देखा जा रहा है। खास बात यह है कि धार्मिक यात्रा में होने वाला खर्च उन्होंने स्वयं वहन किया, जिससे ऐसे लोगों को भी तीर्थस्थलों के दर्शन का अवसर मिला, जो आर्थिक कारणों से धार्मिक यात्रा नहीं कर पाते।

निजी खर्च से 19 लोगों को मिला धार्मिक यात्रा का अवसर,

जिला पंचायत सदस्य बेला अनिल कुशवाहा ने बताया कि क्षेत्र के लोगों की धार्मिक आस्था और उनकी इच्छा को ध्यान में रखते हुए 19 श्रद्धालुओं को धार्मिक यात्रा पर भेजने का निर्णय लिया गया। यात्रा के दौरान श्रद्धालु प्रयागराज, बागेश्वर धाम, अयोध्या और वाराणसी-बनारस के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर दर्शन एवं पूजा-अर्चना करेंगे।

उन्होंने बताया कि यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं में अपने स्तर पर सहयोग किया गया है। उनका उद्देश्य लोगों को धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर उपलब्ध कराने के साथ उनके साथ खुशियां साझा करना है।

चंदन तिलक और भगवा गमछा भेंट कर किया विदा,

धार्मिक यात्रा पर रवाना होने से पहले श्रद्धालुओं का विशेष स्वागत किया गया। बेला अनिल कुशवाहा ने सभी यात्रियों को चंदन का तिलक लगाया और भगवा गमछा भेंट कर यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दौरान श्रद्धालुओं के चेहरों पर उत्साह और खुशी देखने को मिली।

यात्रियों ने भी बेला अनिल कुशवाहा का आभार जताते हुए उनकी पहल की सराहना की। श्रद्धालुओं ने कहा कि निजी खर्च से धार्मिक यात्रा का अवसर मिलना उनके लिए खुशी और सौभाग्य की बात है।

जनप्रतिनिधि के साथ समाजसेवा का संदेश,

बेला अनिल कुशवाहा की इस पहल की खास बात यह है कि धार्मिक यात्रा के लिए उन्होंने किसी सरकारी योजना या संस्था के सहयोग के बजाय अपने निजी खर्च से लोगों की मदद की। क्षेत्र में इसे समाज के प्रति जिम्मेदारी और जरूरतमंदों के साथ खड़े होने की भावना के रूप में देखा जा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि का दायित्व केवल राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों तक सीमित नहीं होता, बल्कि लोगों के सुख-दुख में सहभागी बनना भी महत्वपूर्ण है। इसी भावना के साथ श्रद्धालुओं को धार्मिक यात्रा पर भेजने की यह पहल क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे रहने की बात,

बेला अनिल कुशवाहा ने कहा कि क्षेत्र के लोगों ने उन्हें अपना प्रतिनिधि चुना है, इसलिए उनकी कोशिश रहती है कि जरूरत के समय लोगों के साथ खड़ा रहा जाए। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं और जरूरतों को अपनी क्षमता के अनुसार पूरा करने का प्रयास लगातार जारी रहेगा।

उन्होंने कहा कि समाजसेवा किसी एक दिन या कार्यक्रम तक सीमित नहीं होनी चाहिए। जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करना और लोगों के चेहरों पर खुशी लाना ही जनसेवा की वास्तविक भावना है।

 श्रद्धालुओं ने जताया आभार,

धार्मिक यात्रा पर रवाना हुए 19 श्रद्धालुओं ने बेला अनिल कुशवाहा के प्रति आभार जताया। श्रद्धालुओं ने कहा कि निजी खर्च से उन्हें धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर मिलना उनके लिए बेहद खुशी की बात है। चंदन तिलक लगाकर और भगवा गमछा भेंट कर विदा किए जाने को भी यात्रियों ने यादगार बताया।

समाज में सेवा और सहयोग का सकारात्मक संदेश,

बेला अनिल कुशवाहा की ओर से की गई यह पहल समाज में आपसी सहयोग, सेवा और जरूरतमंदों के साथ खड़े होने का सकारात्मक संदेश देती नजर आ रही है। 19 श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा केवल धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर नहीं, बल्कि उनकी लंबे समय से चली आ रही धार्मिक इच्छा को पूरा करने का माध्यम भी बनी है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि इसी तरह लोगों की छोटी-बड़ी जरूरतों में व्यक्तिगत स्तर पर सहयोग करते रहें तो समाज में सेवा और सहयोग की भावना और मजबूत होगी। 19 श्रद्धालुओं को धार्मिक यात्रा पर रवाना कर बेला अनिल कुशवाहा ने जनप्रतिनिधि के साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की अपनी सोच का संदेश दिया है।

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